अंबिकापुर :-   फैक्ट्री के नाम पर कई लोग कर रहे खानापूर्ति, आज ग्रामीणों ने फिर जताया विरोध

 | 
1

सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड के ग्राम चिरंगा में स्थापित होने वाली एल्युमिना रिफाइनरी फैक्ट्री के विरोध में आठ गांव के ग्रामीण लामबंद हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत से निजी फैक्ट्री प्रबंधन फर्जी जनसुनवाई का आयोजन करा उनकी जमीन को हड़पना चाहती है। इसके विरोध में ग्रामीणों ने आज तहसील कार्यालय का घेराव किया है। सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड के ग्राम चिरंगा में मां कुदरगढ़ी एल्युमिनियम रिफाइनरी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा एल्युमिनियम रिफाइनरी फैक्ट्री की स्थापना के लिए अधिकारियों की उपस्थिति में लगभग 4 महीने पूर्व जनसुनवाई का आयोजन किया गया था। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला था। यही नहीं आक्रोशित ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधक की चप्पल जूतों से पिटाई भी की थी। जबकि ग्रामीणों के आक्रोश को देख मौके से अधिकारी जैसे तैसे भाग निकले थे।

दरअसल ग्रामीणों का आरोप है कि मां कुदरगढ़ी एल्युमिनियम रिफाइनरी कंपनी प्रशासन से सांठगांठ कर गांव में फैक्ट्री की स्थापना करना चाहती है। जबकि सरगुजा में पांचवी अनुसूची लागू है और इन क्षेत्रों में पेशा कानून के तहत कार्य होना चाहिए थी। लेकिन सभी नियमों को दरकिनार कर मां कुदरगढ़ी एल्युमिनियम रिफाइनरी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए जनसुनवाई का आयोजन किया गया था। जिसका विरोध ग्रामीणों ने जमकर किया था। ग्रामीणों का आरोप था कि जन सुनवाई के दौरान भी उनकी एक नहीं सुनी गई कंपनी के समर्थकों को बस बोलने का मौका दिया गया था और कंपनी को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से फर्जी जनसुनवाई का आयोजन किया गया था। गौरतलब है कि इस मामलेे में पंचायत मंत्री टीएस सिंह देव भी ग्रामीणों के समर्थन में खड़े हुए थे। वही फैक्ट्री की स्थापना के लिए हुए जनसुनवाई के 4 महीने बाद एक बार फिर मामला गर्मा गया है। फैक्ट्री स्थापना के विरोध में ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। विरोध के सुर एक बार फिर उठने लगे। आज गुरुवार को 8 गांव के हजारों ग्रामीणों ने मां कुदरगढ़ी एल्युमिनियम रिफायनरी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के विरोध में बतौली तहसील कार्यालय का घेराव कर दिया। इस दौरान ग्रामीणों में फैक्ट्री स्थापना को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिला। वही ग्रामीणों द्वारा प्रस्तावित फैक्ट्री के विरोध में राष्ट्रपति राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया है। प्रभावित गांव के ग्रामीणों की मांग है कि भू अधिग्रहण के लिए जिस तरह से गलत ढंग की कार्रवाई की गई है उसे निरस्त किया जाए। वही पुनः फैक्ट्री विस्थापन को लेकर नियमानुसार कार्यवाही की जाए। वहीं भाजपा के पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रभात हर कोने इस विरोध प्रदर्शन को मंत्री अमरजीत भगत की सोची समझी साजिश बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन पर दबाव बनाने के लिए भीड़ को इकट्ठा किया गया।