अंबिकापुर :-  सरकार की योजना हो रही फ़ैल गौठान में पशुओं को रखने के नाम पर निगम सरकार कर रही भ्रष्टाचार

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बारिश के इस मौसम में अंबिकापुर शहर की सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा लगने लगा है। ऐसे में सड़क दुर्घटनाएं की स्थिति भी निर्मित हो रही है। जबकि शहरी गौठानो में मवेशियों के लिए पर्याप्त चारा पानी की व्यवस्था नहीं है। दरअसल अंबिकापुर शहर में पशुपालकों ने शौकिया तौर पर घरों में दुधारु गाय रखने की परंपरा तो शुरू कर दी है। पर जब तक ये गाय दूध देती हैं, तब तक तो घर में बांधकर रखते हैं, किन्तु जैसे ही गाय दूध देना बंद कर देती है उन्हें सड़क पर विचरण करने छोड़ दिया जाता हैं। पूर्व में कई बार नगर निगम ने पशुओं के खिलाफ धरपकड़ की कार्रवाई की, किन्तु कांजी हाऊस की अव्यवस्था से पशुओं को पकड़कर रखना भी निगम के लिए मुसीबत बन गया। शहर का कोई ऐसा मार्ग और चौराहा नहीं है जहां एक-एक स्थान पर मवेशियों का जमावड़ा न हो। बीच सड़क पर मवेशियों के जमावड़े ने शहर के नागरिकों को मुसीबत में डाल दिया है। दोपहिया, चारपहिया वाहन चालकों की जान का खतरा हो गया है। बड़े वाहनों से तो मवेशी ही टकराकर मौत के शिकार हो रहे हैं। वहीं इस मामले में नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष प्रबोध मिंज का आरोप है कि निगम सरकार मवेशियों की देखरेख के लिए अंबिकापुर में लाखों रुपए खर्च कर गौठान का निर्माण की है,लेकिन गौठान में मवेशियों के लिए चारे और पानी की व्यवस्था नहीं की जाती है। निगम की उदासीनता के वजह से मवेशी सड़कों पर घूमते नजर आते हैं। इसके अलावा निगम के नेता प्रतिपक्ष ने शहर सरकार पर आरोप लगाया कि गौठान में पशुओं को रखने के नाम पर निगम सरकार जमकर भ्रष्टाचार कर रही है,यही नहीं पशुओं की देखरेख के लिए गौठान में जिन कर्मचारियों को तैनात किया गया है वहाँ कर्मचारी पशुओं को बेचकर पैसा कमा रहे हैं। वही नगर निगम के मेयर डॉ अजय तिर्की का कहना है कि मवेशियों की देखरेख के लिए कांजी हाउस अपग्रेड किया गया है साथ ही शहरी गौठान घुटरापारा और मठपारा में मवेशियों के लिए पर्याप्त मात्रा में चारा और पानी की व्यवस्था की जाती है। लेकिन अगर ऐसा होता तो शायद शहर की सड़कों पर जमावड़ा लगाएं मवेशी नजर नहीं आते। गौरतलब है कि शहर में हो रहे आए दिन सड़क हादसों की बड़ी वजह आवारा मवेशी भी बने हुए है। जबकि निगम इस ओर ध्यान नही दे रहा है।