अंबिकापुर :-   महिला सरपंच पर लगा शासकीय रुपयों की दुरुप्रयोग करने का आरोप

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 जनपद पंचायत बतौली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कपाट बहरी की महिला सरपंच पर लगा शासकीय रुपयों की दुरुप्रयोग करने का आरोप एसडीएम के नेतृत्व में प्रकरण पहुंचा तहसील कार्यालय। दरअसल सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड अन्तर्गत ग्राम पंचायत कपाट बहरी की महिला सरपंच कमला देवी की भ्रष्टाचारी सामने आई है। ग्राम के ही तिलक राज सहित अनेक ग्रामवासी तहसील कार्यालय बतौली में उपस्थित होकर सरपंच की काली करतूतों की खोली पोल। मीडिया से चर्चा के दौरान तिलक राज ने बताया कि कपाट बहरी ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच भी रह चुकी है वर्तमान सरपंच। आपको बता दें कि तिलक राज ने बताया कि सरपंच द्वारा शासकीय पैसे की निकाशी अपने पति सहित पुत्र के नाम चेक काट कर निकाले गए है। इतना ही नहीं फ्रजी तरीके से जॉब कार्ड बनाकर मनरेगा की कार्यों में फर्जी मस्टररोल भरकर भी लाखों रुपए शासन प्रशासन को चुना लगाया गया है। इसी तरह वर्तमान सरपंच पर पूर्व में ऑडिट के समय करीब 98000 की हेराफेरी मिलना पाई गई थी। इसके बाद चुनाव के वक्त फिर से चुनाव लडने आवेदन प्रस्तुत किया गया परन्तु ऑडिट में हेराफेरी की वजह से उनके आवेदन स्वीकार नहीं किए गए। इसके तुरंत बाद ग्राम के शासकीय कर्मचारी कहे जाने वाला सचिव की मेहरबानी की वजह से फर्जी अनापत्ति प्रमाण पत्र आनन फानन ने बनाकर फिर चुनाव लडा गया और जीत हासिल कर ग्राम पंचायत के सरपंच के पद पर आसीन है। तिलक राज ने महिला सरपंच पर यह भी आरोपी लगाया है कि सरपंच के खिलाफ यदि कोई भी व्यक्ति आवाज उठाने का प्रयास करता है तो उसे झूठे केस में फंसा दिया जाता है ताकि सरपंच की भ्रष्टाचारी सामने ना आ सके। वही कपाट बहरी के तिलक राज सहित अन्य वरिष्ठ ग्रामीणों ने करीब 1 साल से दफ्तरों के चक्कर काट काट कर थक चुके थे इसके बाद सीतापुर एसडीएम के पास सरपंच की करतूतें की काली चिट्ठी की संपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत किए इसके बाद एसडीएम ने बतौली तहसीलदार को जांच करने के निर्देश दिए इससे शिकायत करता हूं कि थोड़ी सी उम्मीद जगी है कि भ्रष्टाचारी सरपंच पर कार्यवाही हो सकती है। इस मामले में बतौली नायब तहसीलदार वेदराम चतुर्वेदी से बात की गई तो उन्होंने टाल मटोल जवाब देते हुए बताया कि अभी जांच प्रक्रिया शुरू है इस सम्बन्ध में कुछ नहीं कहा जा सकता जब तक कार्यवाही पूरी नहीं हो सकता। तहसीलदार की इस तरह की जवाब से ऐसा लगता है कि यह भी भ्रष्टाचारियों के सहयोग में संलिप्त हैं शायद