बिलासपुर :-  किसानों और ग्रामीणों द्वारा एसीसी प्लांट को बंद करवाने के लिए जमकर नारेबाजी और विरोध किया गया

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जैसा कि एसीसी सीमेंट कंपनी द्वारा पिछले वर्ष 2019 में जनसुनवाई के दौरान मूलभूत सुविधाओं के साथ साथ बिना सफल जनसुनवाई के किसी भी किसान के जमीन खेत आदि जगहों पर न तो खनन किया जाएगा और न ही प्रभावित गाव के किसानों, ग्रामीणों (विद्याडिह टागर , गोड़ाडीह, भूड़कुंडा,और बोहारडिह) के रजामंदी ,अनुमति के बिना कंपनी अपना काम नहीं कर सकती । ऐसा सिर्फ और सिर्फ कंपनी की हवा हवाई बाते निकली जो इस किसान विरोधी कंपनी के रवैया से पता लगाया जा सकता है जिसका विरोध कर ग्राम विद्याडिह टागर के किसानों ने जीता जागता उदाहरण पेश किया  , ग्राम विद्याडिह टागर के किसान संतोष दिनकर, विजय भार्गव,संतोष भार्गव, इतवारी दिनकर के खेत सटे हुए जमीन को गढ्ढा खोदा जा रहा जिससे उपरोक्त किसानों के खेत की पानी उस गड्ढे में पसीज कर आ जा रहा है ,और तो और कंपनी द्वारा सीमेंट के खंबे से बॉर्डर करने लगे है जिससे आसपास के कई किसानों को आने जाने का रास्ता ही बंद हो गया  , इस दौरान गांव के लोगो को पता चला कि बिना किसी किसान को पूछे,बिना किसान के रजामंदी सहमति के ही इस प्रकार से किसान विरोधी कार्य कर उनके हक और अधिकार को हनन किया जा रहा है,जिसका किसानों ग्रामीणों द्वारा जमकर पुरजोर  खेत के पास पहुंचकर सैकड़ों की संख्या में कंपनी को विरोध करने लगे। किसानों ग्रामीणों की माने तो भूमिपूजन का कार्य भी लुका छिपी तरीके से बिना किसानों को सूचित किए ही किया गया । किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कंपनी के लोगो से पूछा गया जो पहले अपने आप को कंपनी का सर्वे सर्वा बता रहे थे , तो ग्रामीणों के बिना अनुमति बिना जानकारी दिए इस प्रकार से काम शुरू कर दिए हो तो कंपनी के लोग अपना नाम तक नहीं बता पाए और चुप्पी साध रखे थे । कंपनी के लोगो ने कहा 15दिन हम काम करेंगे तब तक हम अपना काम करेंगे और हमे अपना काम करने दो 15दिन में ही किसी का भी खेत से पानी सूखने से कुछ नहीं हो जाएगा । ऐसे में ये सवाल खड़ा होता है कि प्रभावित गांव के किसान कब तक कंपनी का शिकार होते रहेंगे । शासन प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। ग्रामीण किसानों द्वारा उपरोक्त कारणों से जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया जिसमें प्रमुख रूप से मि. इंडिया भार्गव, अजय सिंह भार्गव ,संतोष भार्गव, चंद्रकुमार खूंटे ,विजय भार्गव, इतवारी दिनकर,संतोष दिनकर,  प्रहलाद दिनकर, रंजीत भार्गव,श्रवण दिनकर जोशी, सोहन जोशी, रामजी भार्गव, आजूराम दिनकर,राजा दिनकर,कमलेश लहरे,नीलकमल दिनकर, किशोर खूंटे, यशवंत भार्गव, बसंत खूंटे ,कोंदादास, राजकुमार लहरे,दिनेश यादव, चंद्रप्रकाश दिनकर , भईया लाल खूंटे , लखन लाल दिनकर, अजय राजा भार्गव,बाबूराम यादव, मनारम चतुर्वेदी एवं समस्त ग्रामवासी विद्याडिह टागर ।