मुख्यमंत्री सुपोषण योजना :  कलेक्टर ने वीडियों कांफ्रेंसिंग के जरिए ली जानकारी

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 कलेक्टर  डोमन सिंह ने आज बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीआ)े, सेक्टर सुपरवाईजर एवं ऑगनबाड़ी कार्यकताओं की वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक ली। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सुपोषण योजना कोरोना काल के चलते बच्चों के स्वास्थ्य सुरक्षा कारणों से ऑगनबाड़ी केन्द्र बंद थे। इस कारण उक्त अवधि में गरम भोजन नहीं दिया जा रहा था। किंतु अब कोरोना की रफ्तार धीमी पड़ी है। पूरी सावधानी के साथ जिले में 10 अगस्त से ऑगनबाड़ी केन्द्रों में पुनः गरम भोजन देना शुरू किया गया है। ऑगनबाड़ी कार्यकर्ताए दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई का ध्यान रखें। उन्होंने ऑगनबाड़ी केन्द्रों को निर्धारित समय पर खोलने और माह के प्रत्येक दूसरे और तीसरे शनिवार को ऑगनबाड़ी केन्द्र एवं परिसर की साफ-सफाई करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जिले के सरकारी कार्यालय भी उक्त दिनों में साफ-सफाई एवं अभिलेखों को व्यवस्थित आदि का काम करते है।
कलेक्टर श्री डोमन सिंह ने कहा कि ऑगनबाड़ी कार्यकर्ताएं, सहायिकाएं विशेष रूप से निर्धन और निम्न आय वर्ग के परिवारों के बच्चों के स्वास्थ्य और विकास के लिए अपने दायित्व का ईमानदारी से निर्वहन कर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। शिशुओं के प्रसव पूर्ण और प्रसवोत्तर स्वास्थ्य, बाल पोषण, विद्यालय शिक्षा तथा बच्चों के टीकाकरण में ऑगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। उन्होंने विकासखण्डवार आ रही समस्या और सुझाव के बारें में जानकारी ली। कुछ ऑगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने केन्द्र में वजन मशीन न होना, ईंधन की महंगाई और सिंगल सिलेंडर आदि के बारें में बताया। कलेक्टर ने इसका समुचित निराकरण करने का भरोसा दिया। कलेक्टर ने व्यय की जानकारी सोशल ऑडिट के साथ भेजने कहा ताकि समय पर भुगतान में कोई परेशानी न आए। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता अपने इलाके के लोगों को आयुष्मान कार्ड के लिए पंजीयन कराने प्रेरित करें और इस योजना के लाभ के बारें में भी बताएं।
उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को 302 ऑगनबाड़ी केन्द्रों में डबल गैस सिलेंडर प्रदाय किए गए। गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने प्रतीकात्मक स्वरूप 10 ऑगनबाड़ी केन्द्रों को वितरित किए थे। उन्होंने संबंधित सीडीपीओ से कहा कि विधायक जनप्रतिनिधियों से समय लेकर संबंधित ऑगनबाड़ी केन्द्रों को सौंपे। कोविड गाईड लाईन का पालन करते हुए वितरित करें। ताकि ऑगनबाड़ी कार्यकताओं को भोजन बनाने में आसानी हो और बच्चों को भी समय पर बिना दिक्कत के शासन के मंशानुरूप गरम भोजन मिले। कार्यक्रम में टीकाकरण शिविर एवं जागृति शिविर भी लगाया जाए। कोविड गाईड लाईन एवं सोशल डिस्टंेसिंग का भी पालन करें।
बैठक में कलेक्टर ने बच्चों से जुड़े सभी जरूरी कार्याें को पूरी जिम्मेदारी और गम्भीरता से करने की बात कही। इस मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्री समीर पांडे और महासमुन्द के सुपरवाईजर, ऑगनबाड़ी कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई बैठक में मौजूद थे। विकासखण्डों से सीडीपीओ, सुपरवाईजर, और ऑगनबाडी़ कार्यकर्ता वीडियों कांफ्रेंस के माध्यम से जुडे़। कलेक्टर ने जिले के सभी ऑगनबाड़ी केन्द्रों के परिसर में जहां खाली जमीन है वहां फलदार पौधें लगाने खासकर मुनगा के पौधें लगाने पर जोर दिया।