एनटीपीसी कोरबा में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया हिन्दी दिवस 

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किशोर महंत कोरबा:-भारत को एक सूत्र में पिरोने वाली हिन्दी भाषा को बढ़ावा देने के लिए एनटीपीसी कोरबा में हिन्दी दिवस का आयोजन किया गया। समारोह में हिन्दी जगत के प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ को हिंदी साहित्‍य कि दुनिया में महत्‍वपूर्ण योगदान के लिए अभिनंदन पत्र भेंट कर एनटीपीसी सम्‍मान प्रदान किया गया।   

एनटीपीसी कोरबा के कार्यकारी निदेशक श्री बिश्वरूप बसु के नेतृत्‍व में परियोजना में 1 सितंबर से हिंदी पखवाड़े का आयोजन किया जा रहा है. एमएस टीम्स के माध्यम से कार्यक्रम में जुड़ते हुए श्री बसु ने सभी कर्मचारियों को हिंदी दिवस पर अपनी शुभकामनाएँ प्रेषित की और सभी से कार्यायलीन कामकाज राजभाषा हिंदी में करने का संकल्‍प लेने का आह्वान किया. उन्‍होंने कहा कि  हिन्दी भाषा का अधितकम उपयोग करने के लिए हम कटिबद्ध हैं। 

महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण) श्री पी राम प्रसाद ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदी भाषा के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए सरल शब्दों एवं बोल चाल में उपयोग होने वाले शब्दों का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए. उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारियों से अपील की कि राजभाषा हिंदी को बढ़ावा देने के परियोजना में हर संभव प्रयास किये जाने चाहिए। 

  

कार्यक्रम में श्री बिनोद कुमार मिश्रामहाप्रबन्धक (चिकित्सा)श्री शम्भू शरण झामहाप्रबंधक (तकनीकी सेवाएं)श्री ललित रंजन मोहन्तीमहाप्रबंधक (संचालन)विभागाध्यक्ष (मानवं संसाधन) श्री मनोरंजन सारंगी, यूनियन व एसोसिएशन के प्रतिनिधिगण और एनटीपीसी कोरबा के वरिष्ठ अधिकारी गण शामिल हुए।  

  

इस अवसर पर मुख्य अति​थि डॉ. विश्वकर्मा ने हिंदी दिवस पर अभिनंदन करने के लिए एनटीपीसी का आभार व्‍यक्‍त करते हुए वर्तमान में हिंदी भाषा की दशा और दिशा पर विस्‍तृत रूप से अपने विचार व्‍यक्‍त किये एवं एनटीपीसी द्वारा हिन्दी को बढ़ावा देने के लिए  किये जा रहे सतत प्रयासों की सराहना की। उन्‍होंने कहा कि सरकारी क्षेत्र का उपक्रम होने के नाते एनटीपीसी में राजभाषा नियमों का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाता है।   

कार्यक्रम में एनटीपीसी कोरबा में आयोजित हिन्दी पखवाड़े के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्‍कृत  किया गया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण ऑनलाइन प्‍लेटफार्म के माध्‍यम से किया गया। 

हिन्दी दिवस कार्यक्रम का समापन डॉ. विश्वकर्मा द्वारा ‘नवरस’ गान से हुआ।