मोहतरा फोरलेन के आगे पाराघाट टोल प्लाजा में यूपी बिहार की तर्ज पर ठेकेदार द्वारा करवाया जा रहा गुंडागर्दी

 | 
1

फास्ट टैग गाड़ी मालिको से किया जा रहा नगद वसूली,विरोध करने वालो से किया जा रहा मारपीट

बिलासपुर- जयरामनगर क्षेत्र में पाराघाट के पास स्थित टोल नाके पर कार सवार युवकों ने टोल न देने को लेकर हंगामा किया।ऐसी शिकायत टोल ठेकेदार का कहना हैं ? लेकिन असलियत कुछ और हैं, दरअसल पूर्व सरपंच अपने निजी काम से अकलतरा की ओर से आ रहा था,जिसे टोल प्लाजा के नियमानुसार अगर कोई फ़ास्ट टैग वाहन को 5 मिनट के ऊपर हो जाए तो उसे टोल टैक्स नही देना पड़ता हैं, ऐसा नियम-कायदे शासन ने ही तय किए हैं,जिसकी सामान्य तरीके से कर्मचारियों और पूर्व सरपंच प्रदीप सोनी द्वारा चर्चा किया गया,जिस पर टोल में मौजूद कर्मचारी हामी भरे जिसके बाद प्रदीप द्वारा गाड़ी आगे की ओर बढ़ाया गया।उसी दरम्यान टोल चालान में बैठे युवक ने फास्ट टैग एकाउंट से राशि काट लिया गया,जिसपर प्रदीप सोनी ने आपत्ति किया  जिसके बाद उसने कार्ड को पाकिट से निकालने लगा उसी समय  सिगरेट जलाने वाला लाईटर भी सांथ में आ गया असल सच्चाई ये और जिस तरह से ठेकेदार द्वारा जो फर्जी तरीके से मस्तुरी थाने में शिकायत  करवाया हैं, उसका कोई औचित्य ही नही हैं


पाराघाट टोल ठेकेदार के खिलाफ हो सख्त कार्यवाही

पाराघाट और आसपास के ग्राम में रहने वाले लोग बिल्कुल  शांतिप्रिय ,और भाईचारे के सांथ रहते हैं, पर प्रदीप सोनी जिसका गाँव मे अपना एक अलग जनाधार हैं,जो क्षेत्र का जनप्रनिधि भी हैं, जिसे टोल ठेकेदार पचा नही पा रहा और थाने में मनगढ़ंत योजनाबद्ध तरीके से झूठी शिकायत कर क्षेत्र में अशांति का माहौल बना रहा हैं।


 
टोल प्लाजा में खुलेआम चल रही गुंडागर्दी,पुलिस कप्तान ले संज्ञान


जिस तरह से टोल ठेकेदार की गुंडागर्दी चरम सीमा पर हैं उससे वाहन मालिकों के अलावा आसपास के ग्रामीण काफी दहशत में रहते हैं, क्योकि कई लोगो से ठेकेदार के गुर्गों द्वारा कई मर्तबा  मारपीट भी कर चुके हैं,कोई भी वाहन चालक या मालिक फ़ास्ट टैग से राशि भुगतान करना चाहता हैं, उसे टोल में मौजूद लठैतों द्वारा नगद राशि, कई गुना ज्यादा मांग की जाती हैं जिसका विरोध करने वालो को ठेकेदार द्वारा बाहर से लाए गए लठैतों से मारपीट करवाया जाता हैं, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल आए दिन रहता हैं।


जेल जाना कोई अपराध नही न्यायपालिका सुनाएगी फैसला


ठेकेदार के कुछ दलालों द्वारा पूर्व सरपंच और क्षेत्र के जनप्रनिधि प्रदीप सोनी के खिलाफ उल जुलूल दुष्प्रचार किया जा रहा हैं, की जेल गया था,आपको बता दे  जेल जाने वाला हर कोई अपराधी नही हो जाता, बड़े-बड़े राजनेता, अधिकारी,आईएस,आईपीएस जेल जाते हैं इसका मतलब ये नही की उसे हमेशा नीचे निगाहों से देखे?न्याय पालिका अपने फैसला में तय करेगे,