कांकेर: मनरेगा श्रमिकों ने अमृृत महोत्सव के आयोजन पर लिया जल सरंक्षण का शपथ

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रिपोर्ट- आशीष परिहार

कांकेर - आजादी के 75वीं वर्षगाठ को ’’आजादी का अमृत महोत्सव’’ के रूप में मनाया जा रहा है। पूरे देश में आयोजित होने वाले इस महोत्सव में ग्राम पंचायत स्तर और विकासखण्ड स्तर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। कांकेर जिले के अन्तर्गत सभी महात्मा गांधी नरेगा कार्यस्थलों

पर वर्षाजल संचय के लिए ग्रामीण शपथ ले रहे हैं,कि वे सभी मिलकर आने वाले वर्षाकाल में जल की प्रत्येक बूंद को संचित करने के लिए प्रयास करेंगे। साथ ही पानी के महत्व से अवगत कराते हुए अपने आस-पास के सभी लोगों को जल संरक्षण के लिए प्रेरित भी करेंगे।

कलेक्टर चंदन कुमार ने कहा कि जल संचयन वर्तमान समय की बड़ी जरूरत है। जिले में जल संचयन से जुड़े अनेक कार्य निजी डबरी, तालाब गहरी करने लूज बोल्डर, गेब्रियन, चेकडेम, पौधारोपण जैसे जलसंरक्षण के कार्य स्वीकृत किये गये हैं ताकि समुचित प्रबंधन से वर्षा जल का संचयन किया जा सके।

प्रत्येक ग्राम पंचायतों में महात्मा गांधी नरेगा के कार्यस्थलों पर शपथ का आयोजन नियमित रूप से किया जा रहा है, इसका मूल उद्देश्य ग्रामीणों के बीच पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना और ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सबल बनाने के लिए राह दिखाना है।

वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौर में भी कांकेर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार मूलक गतिविधियों को निरंतर संचालित किया जा रहा है, साथ ही जलसंचय की गतिविधियों को और उसके लिए संरचनाओं के निर्माण पर विशेष प्रयास किया जा रहा है।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे ने बताया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत जिले में 628 नरवा में जलसंरक्षण के कार्य कराये जा रहे है एवं चल रहे कार्यस्थलों में वैश्विक महामारी से बचाव के लिए कोविड-19 प्रोटोकाॅल का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। सभी जगहों पर श्रमिकों के बीच उचित दूरी रखकर व मास्क का उपयोग करते हुए ही कार्य कराया जा रहा है।

साथ ही प्रत्येक कार्यस्थल पर हाथ धुलाई और आवश्यक सुरक्षा के इंतजाम भी किये गए हैं एवं ‘‘दो गज दूरी“ का नियमित पालन
भी किया जा रहा है।