कोरबा :- कटघोरा वनमंडल अंतर्गत जटगा रेंज के कारीमाटी में तालाब निर्माण 

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कटघोरा वनमंडल के कार्यों में भर्राशाही एवं कमीशनखोरी जैसा खेल आम हो चला है जहां कसावट के अभाव में अधिकारी- कर्मचारी बेलगाम होकर अनियमित्तापूर्ण कार्यों को अंजाम देने में जरा भी नही हिचकिचा रहे है। जटगा रेंज अंतर्गत कारीमाटी के जंगल में नया तालाब का निर्माण कराना था किंतु प्रभारी रेंजर द्वारा पूर्व से निर्मित तालाब में ही हल्के खुदाई कार्य कराकर अपने शीर्ष अधिकारी को नया निर्माण कराना बताया गया। मामला खबर के माध्यम से वनमंडलाधिकारी के संज्ञान में आने के बाद जांच टीम गठित कर आवश्यक जांच के निर्देश दिए गए है।

वन्य प्राणियों के संरक्षण, संवर्धन तथा उनके विकास के लिए बीते महीने जटगा रेंज के अंतर्गत बीहड़ वनांचल एवं दुर्गम पहाड़ी वाले तथा अंतिम सीमा कारीमाटी के जंगल मे लाखों का एक नया तालाब निर्माण कराना था किंतु यहां बतौर प्रभारी पदस्थ डिप्टी रेंजर सत्तू लाल जायसवाल जिन्हें प्रभारी रेंजर की जवाबदारी सौंपी गई है उन्होंने जंगल के प्राकृतिक नाले पर पूर्व से निर्मित तालाब की ही जेसीबी मशीन के माध्यम से हल्की खोदाई कराया और मेढ़ में नई मिट्टी डाल इसके भीतर की ओर आधे- अधूरे पिचिंग कार्य कराकर नया तालाब का स्वरूप देते हुए अपने शीर्ष अधिकारियों को नया तालाब निर्माण कराया जाना बताया गया। बीते माह मई- जून के मध्य मानव की जगह मशीन लगाकर आनन- फानन में कराए गए उक्त कार्य के दौरान जेसीबी की जद में आकर धराशायी हुए दर्जनों हरे- भरे पेड़ों को भी कुछ दूर ले जाकर जंगल मे ही फेंक दिया गया। मामले की जानकारी होने पश्चात मौके पर पहुँचकर निर्माण स्थल का अवलोकन कर तस्वीर कैमरे में कैद किया गया तथा आसपास स्थानीय ग्रामीणों से भी जानकारी ली गई जहां उन्होंने भी कैमरे के सामने यह बताया कि पूर्व से निर्मित तालाब की मशीन से वनविभाग द्वारा खोदाई कराई गई है। इसके अलावा इस मामले के जानकार जटगा रेंज के ही कुछेक विभागगीय कर्मचारियों से जानकारी ली गई तब उन्होंने भी पुराने तालाब का पुर्ननिर्माण कर नया दिखाए जाने की बात स्वीकारी, जिन सबका आडियो, वीडियो क्लिप पूर्ण सुरक्षित रखा गया है। पूरे मामले को खबर के माध्यम से *"बनाना था नया तालाब लेकिन पूर्व से निर्मित तालाब का खोदाई कराकर दे दिया नए स्वरूप"* शीर्षक के साथ सामने लाया गया। सूत्र बताते है कि उक्त खबर को संज्ञान में लेते हुए वनमंडलाधिकारी श्रीमती शमा फारूकी द्वारा गंभीरता दिखाई गई और कटघोरा उपवनमण्डल के एसडीओ ए. आर. बंजारे की एक टीम गठित कर जांच का जिम्मा उन्हें सौंपा गया है। फिलहाल जांच प्रारंभ हुई अथवा नही, इसकी जानकारी चाहने कटघोरा वन एसडीओ श्री बंजारे से उनके मोबाइल नंबर क्रमांक- 8103747171 पर संपर्क किया गया किंतु उन्होंने फोन रिसीव नही किया जिसके कारण जांच विषय पर जानकारी नही मिल पाई। दूसरी ओर सूत्रों का कहना है कि जटगा रेंज के सभी कार्य कटघोरा उपवनमंडलाधिकारी के अधीन सम्पादित होते है ऐसे में सहयोगी अधिकारी को जांच का जिम्मा सौंपे जाने से जांच कार्यवाही प्रभावित हो सकता है और संभवतः दोषियों को क्लीन चिट भी मिल सकता है। बहरहाल देखना है कि मामले में सही जांच किया जाता है या फिर जांच के नाम पर महज औपचारिता निभाई जाती है।