नक्सली संगठन की विचारधारा को छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने 4 माओवादीयों ने नारायणपुर पुलिस को किया आत्मसमर्पण 

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रिपोर्ट- आशीष परिहार 

नारायणपुर - पुलिस द्वारा चलाये जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के कारण नक्सलियों पर बढ़ते दबाव एवं शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर माओवादी संगठन को छोड़कर समाज के मुख्यधारा में सम्मिलित होने 4 नक्सली सदस्यों ने आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मोहित गर्ग पुलिस अधीक्षक नारायणपुर के समक्ष बिना हथियार आत्म समर्पण किये है। 

आत्मसर्पित करने वाले नक्सलियों की सक्रियता एवं कार्यक्षेत्र- 

1- कमलू ध्रुवा

2- मालू ध्रुवा पिता स्व. पण्डरू धु्रवा, उम्र 32 वर्ष, जाति माड़िया, निवासी धुरबेड़ा थाना ओरछा जिला नारायणपुर (धुरबेड़ा पंचायत मिलिशिया सदस्य) वर्ष 2016-17 में नक्सली कमाण्डर दिनेश उर्फ पण्डी ने धुरबेड़ा पंचायत मिलिशिया सदस्य के रूप में शामिल किया तब से सक्रिय रूप से कार्य कर रहा था। 

3- राकेश उसेण्डी पिता टुगेराम, उम्र 18 वर्ष, जाति माड़िया, निवासी गट्टाकाल, थाना ओरछा जिला नारायणपुर (धुरबेड़ा पंचायत मिलिशिया सदस्य) वर्ष 2018-19 में नक्सली कमाण्डर दिनेश उर्फ पण्डी ने धुरबेड़ा पंचायत मिलिशिया सदस्य के रूप में शामिल किया तब से सक्रिय रूप से कार्य कर रहा था। 

4- हिड़मे कवाची पिता महंगू राम, उम्र 20 वर्ष जाति माड़िया निवासी डेंगलपुट्टी पारा गोमागाल थाना धनोरा जिला नारायणपुर (गोमागाल पंचायत मिलिशिया सदस्य) नक्सली कमाण्डर बुदरू, सोमडू एवं गोमागाल जनताना सरकार अध्यक्ष प्रमोद ने वर्ष 2017-2018 में गोमागाल पंचायत मिलिशिया सदस्य के रूप मे शामिल किये तब से सक्रिय रूप से कार्य कर रही थी। 

उक्त आत्मसर्पित नक्सली संगठन में कार्य करने के दौरान नक्सलियों के लिए भोजन की व्यवस्था करना, गांव मे अंजान व्यक्तियों के आने पर उनसे पूछताछ व उनकी निगरानी करना, नक्सली साहित्य एवं पोस्टर पाम्पलेट चिपकाना, ग्रामीणो को नक्सली मीटिंग में उपस्थित होने की सूचना देना, बाजारो से दैनिक उपयोग की सामग्री खरीद कर नक्सलियों तक पहुंचाना, नक्सलियोें के गांव में आने पर उनको सुरक्षा देना, क्षेत्र में पुलिस आने की सूचना देना, पुलिस पार्टी की रेकी करना, नक्सलियो के अस्थायी कैम्प मे संतरी डियूटी करना, गांव के चारो ओर दिन के समय पेट्रोलिंग करने जैसे कार्य कर संगठन में सक्रिय कार्य कर रहे थे। नक्सलियों की गलत नीतियों से असंतुष्ट होकर समाज की मुख्यधारा में जुड़कर सामान्य जीवन यापन करने मोहित गर्ग, पुलिस अधीक्षक नारायणपुर के समक्ष आत्मसमर्पण किये है।