महासमुन्द :-  राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना

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छत्तीसगढ़ राज्य में ‘‘राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना’’ वित्तीय वर्ष 2021-2022 प्रारम्भ किया जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों की पहचान करना तथा भूमिहीन कृषि परिवारों को वार्षिक आधार पर आर्थिक अनुदान उपलब्ध कराना है। इससे भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के शुद्ध आय में वृद्धि करना है। प्रत्येक परिवार को सालाना 6000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में भूमिहीन कृषि मजदूरों की पहचान करने तथा उन्हें वार्षिक आधार पर अनुदान उपलब्ध कराने के लिए शुरु की गई है । सितम्बर माह की पहली तारीख़ से इस योजना का प्रारंभ  होगा ।  इसके लिए ज़िले में सभी तैयारियाँ अंतिम दौर में है ।जनपद पंचायत द्वारा आवेदन पत्रों की छपाई करवाई गयी है । ज़िले के पाँचों विकासखंडों में लगभग 63000 आवेदक राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना’ में संभावित है ।पात्र हितग्राहियों को सालाना 6000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
   यह योजना राजस्व विभाग की देखरेख में क्रियान्वयन होगी।
 योजना के सफल संचालन के लिए जिला अनुश्रवण समिति का गठन किया गया है । कलेक्टर श्री डोमन सिंह की अध्यक्षता में समिति की बैठक पिछले सप्ताह हुई थी ।उन्होंने समिति के  दायित्व बताते हुए कहा था कि पात्र परिवारों का चिन्हांकन ग्राम पंचायत, ग्राम सभा से सत्यापन एवं विभिन्न गतिविधियों को समय-सीमा में संपादित करना है। इसके अलावा योजना क्रियान्वयन की समीक्षा एवं निगरानी का दायित्व भी है। योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ ही पग्राम सभाओं का आयोजन कराना है। पात्र हितग्राहियों को अनुदान सहायता राशि का भुगतान सुनिश्चित करना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि समिति का यह भी दायित्व है कि योजना क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करना तथा ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूरों से प्राप्त शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित करना भी है।  योजनांतर्गत हितग्राही परिवारों के पंजीयन का काम आगामी 1 सितम्बर 2021 से 30 नवम्बर 2021 तक किया जाएगा। कलेक्टर ने ज़िले की सभी ग्राम पंचायतों में कार्यालयीन समय में आवेदन लेने एवं पोर्टल में एंट्री करने हेतु कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए है ।
  इस योजना में  ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के अंतर्गत चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी, पुरोहित जैसे - पौनी-पसारी व्यवस्था से जुड़े परिवार, वनोपज संग्राहक तथा शासन द्वारा समय-समय पर नियत अन्य वर्ग भी पात्र होंगे, यदि उस परिवार के पास कृषि भूमि नहीं है। आवासीय प्रयोजन हेतु धारित भूमि, कृषि भूमि नहीं मानी जाएगी।
ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के मुखिया को अनुदान सहायता राशि प्राप्त करने हेतु आवेदन पत्र के साथ राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना पोर्टल पर पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। योजनांतर्गत लाभ प्राप्त करने हेतु इच्छुक ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के मुखिया को निर्धारित समयवधि में राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के पोर्टल आरजीजीबीकेएमएनवाय डाट सीजी डाट एनआईसी डाट इन Rggbkmny.cg.nic.in में पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। पोर्टल में पंजीयन का कार्य 01 सितम्बर से 30 नवम्बर 2021 तक किया जायेगा। पंजीयन हेतु आवश्यक दस्तावेज में आधार कार्ड, बैंक पासबुक के छाया प्रति के साथ आवेदन सचिव, ग्राम पंचायत के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।