महासमुंद :-  मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए सीमांकन का काम पूरा निर्माण के लिए 12 खसरा नंबर को किया गया चिन्हांकित

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राजस्व व पीडब्ल्यूडी के कर्मचारियों ने प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए सोमवार की देर शाम तक ग्राम खरोरा के पास 90 एकड़ जमीन का सीमांकन है। निर्माण के लिए 12 खसरा नंबरों को चिन्हांकित किया गया है। इस दौरान संसदीय सचिव व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने मौके पर उपस्थित होकर कार्य का जायजा लिया।
संसदीय सचिव व विधायक  चंद्राकर ने कहा कि मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए औपचारिकता पूरी करने के लिए प्रदेश सरकार के साथ ही मेडिकल कॉलेज प्रबंधन हरसंभव प्रयास कर रही है। आने वाले दिनों में मेडिकल कॉलेज का सपना साकार हो सकेगा। सोमवार को खरोरा के पास चल रहे सीमांकन व चिन्हांकन कार्य का संसदीय सचिव  चंद्राकर ने जायजा लिया। मौके पर उपस्थित कर्मचारियों ने संसदीय सचिव  चंद्राकर को बताया कि सीमांकन का कार्य शुक्रवार से हुआ था। सोमवार की देर शाम तक सीमांकन कार्य चलता रहा। खसरा नंबर 28, 30, 43, 79/1, 81, 171, 172, 174, 175, 207, 208, 712 को चिन्हांकित कर सीमांकन किया गया है। गौरतलब है कि यहां 325 करोड़ की लागत से सर्वसुविधायुक्त मेडिकल कालेज का निर्माण होना है। मेडिकल कालेज के लिए पहली किश्त भी जारी होने के साथ ही सेटअप व विद्यार्थियों के प्रशिक्षण के लिए हास्पिटल का निर्धारण भी हो गया है। वहीं प्रदेश सरकार ने नवीन चिकित्सा महाविद्यालय के भवन निर्माण के लिए वर्ष 2021-22 के बजट में सौ करोड़ का प्रावधान रखा है।
संसदीय सचिव  चंद्राकर ने कहा कि मेडिकल कालेज की स्थापना के लिए वे लगातार प्रयासरत रहे हैं और शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराते रहे हैं। एनएमसी के नार्म्स को भी पूरा कर लिया गया है। बीते चार जून को नेशनल मेडिकल कमीशन नईदिल्ली के सचिव को नार्म्स के हिसाब से बेडों की पर्याप्त संख्या के साथ ही जीएसटी राशि जमा कराकर इसकी जानकारी पत्र के माध्यम से भेजी गई है। जिसके अनुसार यहां 333 बेड उपलब्ध है। जिसमें जनरल मेडिसीन में 80 बेड, जनरल सर्जरी में 78 बेड, गायकोलाजी में 46 बेड, पीडियाट्रिक्स में 24 बेड, आर्थाेपेडिक्स में 25 बेड, आप्थमोलाजी, ईएनटी, टीबी चेस्ट, स्कीन व साइकेट्री में 10 बेड तथा इमरजेंसी मेडिसीन में 30 बेड की उपलब्धता होने की जानकारी बताई गई है। उन्होंने बताया मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए औपचारिकता पूरी करने के लिए प्रदेश सरकार के साथ ही मेडिकल कॉलेज प्रबंधन हरसंभव प्रयास कर रही है। आने वाले दिनों में सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएगी।