धान खरीदी केंद्र में बिलबिला रहे सांपो के डर से रात में पहरा नहीं दे रहे चौकीदार वर्षा से धान को बचाना हो रहा मुश्किल

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धान खरीदी केंद्र में बिलबिला रहे सांपो के डर से रात में पहरा नहीं दे रहे चौकीदार वर्षा से धान को बचाना हो रहा मुश्किल


रायगढ़ -धान खरीदी केंद्र में बिलबिला रहे सांप,सांपो के डर से रात में पहरा नहीं दे रहे चौकीदार..
आँधी तूफान वर्षा से धान को बचाना हो रहा मुश्किल..

धरमजयगढ़:- समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान का उठाव अभी तक समितियों से नहीं हुआ है। धूप और बारिश के चलते आगामी दिनों में धान पूरी तरह से खराब होने की पूर्ण संभावना है। मार्कफेड की लापरवाही से सरकार को करोड़ों का नुकसान होने का अंदेशा है। ऊपर से अब जहरीले सांप ख़रीदी केंद्र में बिलबिलाने लगे हैं। ऐसा ही मामला गेरसा उपार्जन केंद्र से सामने आया है। जहां रात को पहरा देने कोई तैयार नहीं है।

धरमजयगढ ब्लॉक के गेरसा खरीदी केंद्र पंजीयन क्रमांक 1554 में 9351.60 किवं.धान खुले आसमान के नीचे पड़ा है। बोरियों के स्टेक को बारिश से बचाने कैप कवर से ढका जरूर गया है लेकिन नाकाफी है। धूप के बाद अब पानी बोरियों में घुस रही है, त्रिपाल धूप में कमजोर पड़ चुके है आँधी तूफान से फट रहे है। पिछले दिनों की बारिश से 5 फिट लंबा जहरीला सांप झोंपड़ी में घुस आया था जहाँ किसी प्रकार की कार्यालय हेतु पक्का भवन नहीं है अस्थायी तंम्बू में कार्य संचालित किया जा रहा है। 

जो आँधी तूफ़ान वर्षा से छति ग्रस्त हो गया है, जहाँ जहरीला सांप भीतर में किनारे कुंडली मारकर बैठा था। सांपों के निकलने और घुसने का सिलसिला लगातार जारी है। जितने निकले थे उससे ज्यादा 8 से 10 सांप बोरियों के भीतर घुस गए। समिति प्रबंधक की माने तो धान का उठाव करने कई बार शीर्ष अफसरों को बोला जा चुका है, मगर डीओ जारी नही कर रहे हैं। अफसरों की अनदेखी का नतीजा यह हुआ कि बारिश से उनकी लापरवाही सामने आ गई। एक ही झटके में लाखों रुपए का धान बर्बाद होने के कगार पर है।
एक सप्ताह के अन्दर यदि धान का उठाव नहीं किया जाता है। तो वही खरीदी केन्द्र में जल भराव की स्थिति निर्मित हो रही है। जिससे फड़ में ट्रक नहीं घुस पाएंगी परिवहन के लिए बहुत बड़ी समस्या उठानी पड़ेगी जिसमें करोड़ो का धान भी नुकसान होंगा।

नीलामी के चक्कर मे तबाह हो रहे धान…

समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान का उठाव नहीं होने के पीछे नीलामी प्रक्रिया की दलीलें दी जा रही है। सरकार और राइस मिलर्स के बीच धान की नीलामी को लेकर करार हुआ है। बताया जा रहा है कि कुछ राइस मिलर्स धान की नीलामी में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। इसी के चलते इस साल ऐसी नौबत आने की बात कही जा रही है।