पखांजूर: परलकोट क्षेत्र में मेडिकल संचालक ही बन बैठे डॉक्टर, खुलेआम लोगो का करते है इलाज़ 
  

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रिपोर्ट -बिप्लब कुण्डू

पखांजूर परलकोट क्षेत्र में कोरोना गाइडलाइंस के दौरान बाहर मैडीकल में सर्दी,बुखार खांसी पर दवाई न देने का जैसे मना कर दिया मानो इन सब दवाइयों पर काला बाजारी और पैसे कमाने का एक जरिया ही बन गया, एक ओर लोगो मे जैसे ही सर्दी,खांसी, आम बुख़ार ले लोग ग्रसित होते है कोरोना टेस्ट के डर से लोग ऐसे दुकानों से दवाई लेने पहुँचे थे जहाँ गाइडलाइंस की धज्जियाँ उड़ाते हुए लोगो का इलाज भी किया जाता रहा, जिसका एक उदाहरण कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो जो बांदे के शुभोजीत मेडिकल के संचालक भोवतोष का बताया जा रहा है ?
जो खुद ही डॉक्टर बन कर लोगो का इलाज ही नही बल्कि इंजेक्शन के अलावा पैथोलॉजी से मरीज़ो को टाइफाइड जैसे बीमारियों का पर्ची दिया जा रहा है??

लोगो की जान के साथ हो रहा है खिलवाड़-

परलकोट क्षेत्र में बिना डॉक्टर के डिग्री पर इलाज़ किया जाना कितना सही है ये इस बात से अंदाजा लगाया जाता है जब पैथोलॉजी द्वारा बिना किसी डॉक्टर के निगरानी के बाद कोई रिपोर्ट दिया जाता है और उसी रिपोर्ट के आधार पर बच्चों, बुजुर्ग, गर्ववती महिलाओं को मलेरिया टाइफाइड जैसे बीमारियों का डोज दिया जाता है H1 सिड्यूल जैसे हाई एंटीबायोटिक दवाइयों को बिना डॉक्टर की डिग्री वाले उनको ये डोज लगा देते है आख़िर इंसन की जान को लेकर ये खिलवाड़ किस लिये?

विभाग की जिम्मेदारी- खुलेआम परलकोट क्षेत्र में पैथोलॉजी लैब का संचालन हो रहा है, कोई भी डॉक्टर बनकर लोगो का इज़ाज कर रहा है, पत्रकारों के पास शिकायत के बाद खबरे प्रकाशित हो रही है पर कार्यवाही के नाम पर कोई कदम नही मानो पूरा मामला संज्ञान में है और साठगांठ से ये सब काम किया जा रहा हो, लोगो का तो यहाँ तक कहना है कि क्षेत्र इतना छोटा है और ऐसे खुलेआम लोगो के जान से खिलवाड़ चल रहा है सभी काम कमीशन खोरी पर चल रहा होगा?

पैथोलॉजी लैब पर विभाग मेहरबान- आप सभी इस बात से अवगत है कि जब कोई व्यक्ति बीमार होता है तो उसके बीमारीयो की जानकारी के लिये खून,मल,मूत्र, ECG, X-रे,सोनोग्राफी, MRI जैसे टेस्ट किये जाते है, आखिर इन सभी महत्वपूर्ण टेस्ट को जब बिना डॉक्टरों की निगरानी में किया जाए और उसके आधार पर मरीज़ो का इलाज हो तो इंसानों की जान का खतरा कितना हो सकता है आप अनुमान लगा सकते है, परलकोट क्षेत्र में पैथोलॉजी लैब किसके निगरानी में चल रहा है बहुत बड़ा सवाल?

बिना फार्मासिस्ट के मेडिकल संचालन किसके छत्रछाया में- क्षेत्र में मेडिकल पर सवाल उठता है कि डॉक्टरों की लिखी पर्ची को आखिर किसकी निगरानी में क्षेत्र के उन लोगो को दिया जाता है जिनको दवाई की कोई जानकारी नहीं होती, या कितने लोग ऐसे है जो दवाई का मेडिकल में मिलान करते है कि डॉक्टर ने पर्ची में क्या दवाई लिखा और कितने मात्रा में कितने बार खाना है ये क्षेत्र के लोग मेडिकल के संचालक के भरोसे ले कर बड़े बूढ़े और अपने बच्चों को खिला देते है,
अब एक सवाल ये है कि मेडिकल में बिना फार्मेसी के ये दवाई कोई भी दे रहा है डोज की मात्रा कोई भी लिख रहा है, H1 सिड्यूल का रजिस्टर ठीक से चल रहा है कि नही , बेखौफ लोगो को बिना फार्मेसी के दवाई दिया जा रहा है जिम्मेदार कौन?

स्थानीय प्रशासन ने ली सुध

जिसपर पखांजुर तहशीलदार शेखर मिश्रा का कहना है क्षेत्र में इस प्रकार के मेडिकल संचालन करने वाले लोग द्वारा बिना डॉक्टर के निगरानी में पैथोलॉजी रिपोर्ट देना, लोगों का इलाज करना इंजेक्शन लगाने के वीडियो देखा गया है
जो कि गलत है, जल्द एक टीम बनाकर जाँच किया जायेगा दोषी पाए जाने पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जायेगी,

ऐसे में एक ओर जहां इस प्रकार का इलाज कर क्षेत्र के लोगो के जान से खिलवाड़ किया जा रहा है । वही ऐसे लोगों से सवाल पूछे जाने पर ऐसे लोगो द्वारा बांदे क्षेत्र के शासकीय डॉक्टर के नाम का हवाला बेखौफ दिया जा रहा है मानो की सब उनकी जानकारी में चल रहा हो यहाँ एक सवाल हैं??
लोगों का कहना है ऐसे कई मामले आज तक सामने भी आ चुके है जिसमे बिना डॉक्टर डिग्री वाले लोगो द्वारा इलाज़ किया गया जब किसी की जान चली गई तो ऐसे डॉक्टर क्षेत्र से भाग गए? अब एक बहुत बड़ा सवाल ये है?कि आखिर संबंधित विभाग किसी प्रकार के नुकसान का इंतज़ार कर रहा है या सबकुछ साठगांठ और जानबूझकर कमीशनखोरी पर ये गोरखधंधा चल रहा है ।