पखांजूर:-50 गांव के हजारों ग्रामीण हुए एकजुट, रैली निकाल सौंपा ज्ञापन

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सिलेगर में कैंप की घटना से आक्रोशित आदिवासी समाज द्वारा शिक्षा, खाद और स्वास्थ्य संबधी स्थानीय समस्याओं को लेकर शनिवार को ग्राम छोटेबेठिया में एक दिवसीय धरना रैली का आयोजन किया गया। इस अवसर पर रैली निकाल कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
सिलेगर में कैंप की घटना से आक्रोशित आदिवासी समाज द्वारा शिक्षा, खाद और स्वास्थ्य संबधी स्थानीय समस्याओं को लेकर शनिवार को ग्राम छोटेबेठिया में एक दिवसीय धरना रैली का आयोजन किया गया। इस अवसर पर रैली निकाल कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। प्रशासन की ओर से ज्ञापन लेने के लिए नायब तहसीलदार मोहित साहू छोटे बेठिया में उपस्थित रहे आदिवासी समाज द्वारा उन्हें ज्ञापन सौंपा गया।
साथ ही समाज ने कोरोना काल में बच्चों को पढ़ाई में हुए नुकसान को देखते हुए स्कूल खोलने के साथ-साथ छात्रावास कालेज खोलने की मांग की गई। ग्राम छोटेबेठिया क्षेत्र खास कर नदी उस पार के करीब 20 से अधिक गांव में स्वास्थ्य की कोई सुविधा नहीं होने के चलते सैकड़ों लोगों की हर वर्ष मौत हो जाती है। नदी नाले में पानी भरे होने के कारण वर्षा के दौरान तो कोई आना-जाना नहीं कर सकता। ऐसे में गांव में ही उचित स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करने की मांग की गई। साथ ही वर्तमान में किसानों को खाद नहीं मिलने की समस्या को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।
धरना में उपस्थित लोगों ने बताया की वर्तमान में डीएपी खाद नहीं मिल रही, जिस कारण किसानों का रोपाई कार्य प्रभावित हो रहा है। बाजार में भी मूल्य से अधिक दाम पर खाद बेची जा रही है। प्रशासन इस संबध में कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा। किसानों को डीएपी 15 सौ की दर से खरीदना पड़ रहा है, जिससे हर किसान परेशान है। इस अवसर पर सरपंच संघ के अध्यक्ष राजा राम कोमरा ने भी करका घटा और तुमिरघाट कैंप का भी मामला उठाते हुए कहा की इसका भी ग्रामीण विरोध कर रहे हैं, पर पुलिस प्रशासन की ओर से मिला आश्वासन अब तक पूरा नहीं हुआ है। जल्द ही अगला कदम उठाया जाएगा, जिसके लिए रणनीति तैयार की जा रही है। इस अवसर पर मैनी कचलामी, अनिल नुरेटी, गज्जू पद्दा, सनेकर नुरेटी, जितेन बघेल, गणेश नायक, देवली, नुरेटी, सिया राम पुड़ो, गजेंद्र उसेंडी, देवली नुरूटी समेत तमाम क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के अलावा समाज के प्रतिनिधि मौजूद थे।