पिथौरा : कोरोना से ज्यादा खतरनाक गरीबी की मार
रोजगार सहायकों को 6 माह से नहीं मिला वेतन

 | 
1

रिपोर्ट- शुकदेव वैष्णव

पिथौरा - विकासखण्ड के 126 ग्राम पंचायतों में कार्यरत 99 रोजगार सहायकों को एक बार फिर 6 माह का वेतन नहीं मिला है । जिसके कारण आर्थिक परेशानी से जूझ कर कर्ज लेकर घर चलाने को मजबूर है । महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में सबसे कम वेतन पर महत्वपूर्ण कार्य करने वाले इन कर्मचारियों को हमेशा से ही तय समय पर वेतन नहीं मिलता है । जिसके कारण आर्थिक तथा मानसिक परेशानियों से जूझना पड़ रहा है ।

कोरोना महामारी के संकट काल मे वेतन नहीं मिलना कोरोना से भी ज्यादा खतरनाक गरीबी की बीमारी है । वेतन के अभाव में आर्थिक स्थिति दयनीय हो रही है, उधारी लेकर रोजगार सहायक अपना काम चला रहे हैं । पारिवारिक जरूरतों की पूर्ति मुश्किल से हो पा रही है । पंचायत विभाग द्वारा लागातार रोजगार सहायकों से काम लिया गया है । ताकि ग्रामीणों को मनरेगा के तहत 150 दिन का रोजगार उपलब्ध हो सके । इसके लिए रोजगार सहायकों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है । बावजूद इसके इन कर्मचारियों को पिछले 6 महीने से वेतन नहीं मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं । और अपने वेतन का इंतजार कर रहे हैं ।