रायगढ़ :- इन लड़कियों के सामने खड़ी थी मौत, फिर ऐसे बची जान

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धरमजयगढ़ वन मंडल क्षेत्र में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीती रात्रि को जहां आज धरमजयगढ़ वन परिक्षेत्र के नारकालो गांव में हाथी के हमले से एक वृद्ध की मौत हो गई।वहीं अब खबर आ रही है कि कापू वन परीक्षेत्र अंतर्गत घने जंगलों के बीच बसे पुसाउडेरा गांव की दो बच्चियां हाथी के हमले से घायल हो गई हैं।
जिन्हें इलाज हेतु रायगढ़ एवम सरगुजा के सरहदी क्षेत्र मैनपाट क्षेत्र के नर्मदापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। फिलहाल दोनों बच्चियों की हालत सामान्य बताई जा रही है।
इस संबंध में विभागीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पुसाउडेरा के निवासी रंजीत कोरवा पिता बैगा की दोनों बच्चियां कांति और ज्योति उम्र क्रमशः 12 एवं 15 साल 12 जुलाई की शाम को खाना खाने के बाद घर के पास टहल रहे थे। उसी दौरान जंगल की ओर से एक हाथी के आने की खबर से गांव में हलचल मच गई। और हाथियों के डर से अपनी जान बचाने के लिए सब इधर-उधर भागने लगे। इसी भागम भाग के बीच जंगली हाथी दोनो बच्चियों के काफी करीब पहुंच गया, और द उनको सूंड से धकेल दिया ,जिसके कारण दोनों बच्चियां छिटक कर दूर जा गिरी और ज़ख्मी हो गई। इस बीच ग्रामीणों के द्वारा हो हल्ला मचाए जाने के कारण हाथी वहां से भागकर दूर चला गया।
जिसके पश्चात घायल दोनो बच्चियों को तत्काल मैनपाट क्षेत्र के नर्मदापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है।उल्लेखनीय है कि विभागीय आंकड़ों के अनुसार फिलहाल कापू वन परिक्षेत्र अंतर्गत पुसाउडेरा क्षेत्र में 9 हाथियों का समूह विचरण कर रहा है जिसमें 2 नर,4 मादा, एवं 3 शावक शामिल हैं।जिसके कारण क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है!