पंखाजुर:जागृति मंच पखांजुर ने विद्रोही कवि काजी नजरुल इस्लाम का 122 वीं  जन्मजयंती में श्रद्धांजलि अर्पित किया ।

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पंखाजुर:जागृति मंच पखांजुर ने विद्रोही कवि काजी नजरुल इस्लाम का 122 वीं  जन्मजयंती मंच के सदस्यों ने कोरोना काल की गाईडलाईन का पालन करते हुंए परिवार के सदस्यों के साथ निवास गृह एवं विविध स्थलों में श्रद्धांजलि अर्पित किया। काजी नजरुल इस्लाम का छायाचित्र पर जागृति मंच उपाध्यक्ष ऋषिकेश मजुमदार ,कोषाध्यक्ष र्थीन्द्रनाथ बैनर्जी,एक्स सैनिक एवं शिक्षक नारायण दे  ,सचिव निवास अधिकारी ,छत्तीसगढ़ मितानिन कार्यकर्ता संगठन अध्यक्ष लक्ष्मी निषाद, संघर्षशील विरांगना अध्यक्ष कल्पना चंद ,डा. सुदीप्ता दास ,आदि ने फुल एवं माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दिया। सिंगीत पुष्प कर्मकार,कलन,ज्योत्स्ना ,लक्ष्मी निषाद, लक्ष्मी नरेटी ,जुई अधिकारी आदि गीत  प्रस्तुति किये । कविता पाठ लक्ष्मी बाला ने की श्रद्धांजलि सभा सम्भोदित करते हुए जागृति मंच उपाध्यक्ष ,सचिव कोषाध्यक्ष  आदि ने कहां है कि वर्तमान में  देश कोरोना काल की महामारी से देश भंयकर त्रासदी से गुजर रहा हैं।ऐसे समय महान विद्रोही कवि स्वतंत्रता संग्रामी,साहित्यकार,मानवता वाद की साम्यवादी चिंतन से दुनिया के शोषित जनता को शोषण की जंजीरों से मुक्ति के लिए कविता लिखे आंदोलन दरमियान गांव -गांव  ,शहर -शहर वतन की रक्षा एवं जनता की शोषण से सम्पूर्ण मुक्ति  आजादी के लिए कुर्बानी देने युवाशक्ति को प्रेरित करते रहे।महापुरुष नजरुल इस्लाम की मानव कल्याणकारी  दृष्टिकोण में इन्सानियत को बचाए रखने की बहुत ही आवश्यक हैं।मानवीय मूल्यबोध की  पतन कुसंस्कार, रुढ़िवादी सोच,फासीवादी संस्कृति को बढ़ावा से ही स्वतंत्रता संग्राम में हासिल उच्च संस्कृति पतन की  गर्त मे समा जा रहा हैं।ऐसे समय  कठिन परिस्थिति से उबरने केलिए कीसि प्रकार की अंधविश्वास,धर्मांधता
 ,रुढिवादी चिंतन में कटरता को उखाड़ फेंक देने की बहुत अधिक जरूरत है।आज अवाम में भाईचारे के  साथ तार्किक यूक्तिपूर्ण सही सोच वैज्ञानिक परिक्षण -निरिक्षण आधारित सही सिद्धांत पर जीवन संचालन करने की  हैं। तबियत खराब महसूस हो तत्काल चिकित्साकों की परामर्श ले और मेडिकल गाईडलाईन अनुरूप चले।कोरोना  जांच करायें जल्दी इलाज सुरू करे एवं अफवाह से बचे कोई भी समस्या से लड़ने सावधानी वर्ते।मास्क पहने ,स्नेटाईज करे,नियमित हाथ धुलाई करे, शारिर से दुरी बनाये रखे ,वेवजह जीवन को जोखिम मे ना डाले आदि देश की जनताओं से अपिल किया है । डा. सुदीप्ता दास ,निवास अधिकारी,  अनिता पोटाइ, जुई अधिकारी,बिराजो टेकम,ज्योत्स्ना अधिकारी, कल्पना चंद,पुष्पा कर्मकार, बलराम, बिप्लब अधिकारी, सत्यरंजन , रीना, श्रीदाम ढाली
,देवकी मजूमदार,सुकान्त मजूमदार, प्रेमानंद मण्डल,डॉक्टर बड़ाल ,एक्स सैनिक एवं शिक्षक नारायण दे ,सिन्हा जी, नामित,पिंकी,मनिका, सर्बानी, बिषया,बिस्वास,कामलेश,प्रीतम,प्रतीक,बिराज,अजित पोटाइ,आदर्श ,प्रीति ,प्रमानन्द मणल, परमेश,आदि ने फुल चड़ाकर श्रद्धांजली अर्पित किये।