रायगढ़ :-  नगर निगम के सफाई दरोगा राम रतन पटेल द्वारा महिला सफाई कर्मी से दुर्व्यवहार

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 रायगढ़ नगर निगम कि सफाई दरोगा राम रतन पटेल एक बार फिर से सुर्खियों में आए हैं। इस बार भी वजह उनका महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार ही है। हाल ही में 15 दिन पहले गांधी प्रतिमा के पास फूल बेचने वाली महिलाओं के साथ गाली गलौज और अभद्रता के कारण नगर निगम की काफी किरकिरी हुई थी। अभी उसे बीते पखवाड़े भी नहीं हुआ था कि उन्होंने एक और कांड कर दिया इस बार उन्होंने अपने अधीनस्थ सफाई कर्मी महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया। जिसे लेकर पूरा सफाई कर्मी संघ नाराज हो गया। और निगम परिसर में जमकर हल्ला बोल किया। सूत्रों की माने तो बताया जा रहा है कि नौबत हाथापाई तक आ गई थी।
निगम परिसर में नाराज सफाई कर्मी
500 रुपए की वसूली

इसके साथ ही सफाई कर्मियों के उपाध्यक्ष ने उन पर एक और सनसनीखेज आरोप लगाया उन्होंने बताया कि पिछले महीने तक वे सभी सफाई कर्मियों से ₹500 एक्स्ट्रा लेते थे। बदले में सफाई कर्मियों को जल्दी जाने की छूट थी। मामला अभी उठा तो यह बात भी खुलकर सामने आई। जब से उन्हें ₹500 मिलना बंद हो गए हैं तब से उनका व्यवहार और भी ज्यादा खराब हो गया है।

नहा धोकर साड़ी बदल क्यों आती हो..??

पीड़ित सफाई कर्मी महिलाओ ने बताया कि राम रतन पटेल द्वारा उनसे हमेशा दूर व्यवहार ही किया जाता है। आज हाजरी के नाम पर जब महिलाएं उनके पास गई तो उन्होंने उनके साथ बदतमीजी से बात की। इसके साथ ही उनके नहा धोकर कपड़े बदल कर आने पर भी उन्हें आपत्ति थी। जिसे लेकर वह हर बार इन महिलाओं को सुनाते थे।

जब तक राम रतन पटेल निगम में काम करेंगे..हम सफाई नहीं करेंगे!

सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष ने कहा कि सफाई दरोगा राम रतन पटेल का दुर्व्यवहार दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है अगर आज उन्हें नहीं रोका गया तो कल स्थिति और भी ज्यादा भयानक होगी। हमारी मांगे हैं कि जब तक राम रतन पटेल रायगढ़ नगर निगम में काम करेंगे, कोई भी सफाई कर्मचारी काम नहीं करेगा इसके साथ ही उन्होंने बताया कि उन्हें समय पर वेतन भी नहीं मिलता है मगर अधिकारी उन्हें रात को 12:00 बजे भी काम के लिए ले जाते हैं लेकिन समय पर वेतन देने के नाम पर तू भी साथ लेते हैं।

एमआईसी ने भी जताया कड़ा रुख

फिलहाल इस मामले को लेकर एमआईसी ने भी कड़ा रुख अख्तियार किया है। एमआईसी मेंबर संजय देवांगन ने कहा है कि कर्मचारी या काम छोटा हो या बड़ा सभी बराबर हैं सभी के साथ इज्जत से पेश आना चाहिए ऐसी किसी भी दुर्व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा वह महापौर और अधिकारी से मिलकर इसका उचित समाधान करेंगे।
महापौर कमिश्नर और एमआईसी के इंटरफेयर के बाद हुआ मामला शांत

सुबह-सुबह हुए इस घटनाक्रम के बाद से नगर निगम का माहौल बिल्कुल गरमा गया था। कर्मचारी अपने साथ हुए दुर्व्यवहार से तंग आकर इस बार आंदोलन के मूड में आ गए थे। महापौर जानकी काटजू, निगम कमिश्नर और एमआईसी स्वास्थ्य एवं वाहन विभाग प्रभारी संजय देवांगन के हस्तक्षेप के बाद कर्मचारी शांत हुए और काम पर दोबारा लौटे।