रायगढ़ :-  घोटालेबाज खुद की जमीन मेडिकल कॉलेज के पास बताकर एडवांस में लिया ₹1.65 लाख

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थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक मनीष नागर द्वारा एक दफा फिर धोखाधड़ी मामले में त्वरित कार्यवाही करते हुये रिपोर्ट पश्चात आरोपी को रिमांड पर भेजा गया है । आरोपी निर्मल चटर्जी पूजापाठ का कार्य करता था जो अपने परिचित को मेडिकल कॉलेज के पास स्वयं की जमीन बताकर उन्हें धोखा दिया बाद में जानकारी होने पर कि निर्मल चटर्जी के पास कोई जमीन नहीं है तो पीड़ित पक्ष पिछले 3 साल से उसे रूपये लौटाने की गुहार कर रहे थे,जिन्हें अब निर्मल चटर्जी पैसा देने से इंकार कर दिया, थाने में शिकायत के बाद कोतवाली पुलिस धोखाधड़ी के अपराध में आरोपी निर्मल चटर्जी को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया है ।

            जानकारी के अनुसार कोतरारोड़ जय हिंद गली रायगढ़ में रहने वाली श्रीमती शिखा महंती पति गौतम कुमार महंती आज दिनांक 23/08/2021 को थाना कोतवाली में लिखित आवेदन लेकर रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंची । शिकायतकर्ता थाना प्रभारी कोतवाली मनीष नागर को बताई कि फरवरी 2015 में ससुर जी के क्रियाकर्म के लिए घर में निर्मल चटर्जी निवासी वार्ड नंबर 35 स्वास्थ्य केंद्र के पीछे रायगढ़ पूजा पाठ करने आए हुए थे । धीरे-धीरे निर्मल चटर्जी का हमारे घर में आना-जाना प्रारंभ हो गया । इसी दरमियान वर्ष 2018 में निर्मल चटर्जी मेरे पति को मेडिकल कॉलेज के सामने उनकी जमीन है लेना चाहो तो सस्ते में दे दूंगा कहा गया । तब निर्मल चटर्जी से 1500 वर्ग फिट भूमि का ₹6,00,000 में सौदा किए । निर्मल चटर्जी को पति के खाते से ₹1,45,000 तथा नगद ₹20,000 कुल ₹1,65,000 दिए थे, बाद में पता चला कि निर्मल चटर्जी की मेडिकल कॉलेज के पास जमीन ही नहीं है तब निर्मल चटर्जी को रुपए वापस करों नहीं तो शिकायत करेंगे बोले तो तब निर्मल चटर्जी रिपोर्ट नहीं बोला और वर्ष 2019 से 16 अगस्त 2021 तक ₹2000, ₹3000 कर केवल ₹27,000 दिया । शेष रकम देने से इंकार कर गाली गलौज  किया और थाने में रिपोर्ट करने पर देख लेने की धमकी दिया । थाना कोतवाली में आरोपी निर्मल चटर्जी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 1190/2021 धारा 420 भादवि के तहत अपराध कायम कर थाना प्रभारी के हमराह प्रधान आरक्षक सुमन चौहान आरोपी निर्मल चटर्जी पिता कालीपद चटर्जी उम्र 65 वर्ष निवासी वार्ड नंबर 35 स्वास्थ्य केंद्र के पीछे रायगढ़ के घर जाकर हिरासत में लेकर थाना लाया गया है, जिसे रिमांड पर भेजा गया, जहां से जेल वारंट पर आरोपी को जेल दाखिल कराया गया है ।