राजनांदगांव: किसान 1 जून से 30 सितम्बर तक करा सकते है पंजीयन

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रिपोर्ट - विपुल कनैया

राजनांदगांव 02 जुलाई 2021। जिले में खरीफ फसलों की बोनी किसानों द्वारा व्यापक रूप से किया जा रहा है। जिसमें अभी मुख्यत: बोता धान, सोयाबीन एवं अरहर की फसलों की बुआई किसानों द्वारा की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा फसल विविधीकरण तथा उत्पादन में वृद्धि करने के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना खरीफ 2021 में प्रारंभ किया गया हैं। जिसके तहत धान, सोयाबीन, अरहर, मक्का, गन्ना एवं कोदो कुटकी फसल लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ 9 हजार रूपए आदान सहायता दिया जाना है। इसके साथ-साथ सामान्य धान के स्थान पर सुगंधित या जैविक धान एवं दलहनी, तिलहनी फसल, केला, पपीता एवं वृक्षारोपण करने वाले किसानों को प्रोत्साहन के रूप में प्रति एकड़ 10 हजार रूपए आदान सहायता दी जाएगी।

कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा के निर्देशन में कृषि विभाग के मैदानी अधिकारियों द्वारा ग्राम में विशेष अभियान के तहत योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं से 1500 हेक्टेयर रकबे में सुगंधित धान, अरहर, कोदो कुटकी का प्रदर्शन आयोजित किया गया है। जिसमें 1850 किसानों का योजना के तहत पंजीयन की प्रारंभिक कार्रवाई की जा रही है।
योजना के तहत लाभ -
योजनांतर्गत खरीफ 2021 से धान के साथ खरीफ की प्रमुख फसल मक्का, कोदो कुटकी, सोयाबीन, अरहर तथा गन्ना उत्पादक कृषकों को प्रति वर्ष 9 हजार प्रति एकड़  आदान सहायता राशि दी जाएगी। वर्ष 2020-21 में जिस रकबे से किसान द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया था। यदि वह धान के बदले कोदो कुटकी, गन्ना, अरहर, मक्का, सोयाबीन, दलहन, तिलहन, सुगंधित धान, अन्य फोर्टिफाईड धान, केला, पपीता अथवा वृक्षारोपण करते हैं, तो उन्हें प्रति एकड़ 10 हजार रूपए आदान सहायता राशि दी जायेगी। वृ़क्षारोपण करने वाले कृषकों को तीन वर्ष तक आदान सहायता राशि दी जाएगी।
पात्र कृषक -
समस्त श्रेणी के भू-स्वामी एवं वन पट्टाधारी कृषक योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। संस्थागत भू-धारक, रेगहा-बटाईदार-कृषक अपात्र होंगे।
आवश्यक दस्तावेज -
योजनांतर्गत पंजीयन कराने के लिए ऋण पुस्तिका, बी-1 आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति के साथ आवेदन प्रपत्र आवश्यक है। योजना के तहत आवेदन प्रपत्र संबंधित क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के माध्यम से प्राप्त कर सकते है। इसके साथ-साथ ही आवेदन प्रपत्र एवं अन्य जानकारी ह्म्द्दद्मठ्ठ4.द्दश1.द्बठ्ठ वेबसाइट से प्राप्त कर सकते है।
पंजीयन -
कृषक पंजीयन का कार्य 1 जून से 30 सितम्बर 2021 तक करा सकते हैं। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा खसरा एवं फसल का सत्यापन उपरांत संबंधित सेवा सहकारी समितियों से समयावधि में पंजीयन कराना होगा। अपंजीकृत कृषक की पात्रता नहीं होगी।  
आवेदन प्रपत्र भरते समय ध्यान रखने वाली बातें -  
किसान की दो या अधिक गांवो में भूमि होने पर प्रत्येक गांव के लिए अलग-अलग आवेदन करना होगा। आवेदन प्रपत्र भरते समय आधार कार्ड अनिवार्य है। आवेदन प्रपत्र में बोये गये फसल की जानकारी खसरावार दर्ज किया जाना है। किसान द्वारा आवेदन प्रपत्र में दी गई खसरावार फसल की जानकारी का गिरदावरी आंकड़ों से मिलान उपरांत सही पाए जाने पर योजना का लाभ प्राप्त होगा अर्थात् पंजीयन के दौरान दी गई जानकारी एवं गिरदावरी की जानकारी समान पाये जाने पर ही योजना का लाभ प्राप्त होगा। राजीव गांधी किसान न्याय योजना चयनित फसलों का उत्पादन लेने वाले किसान नियत तिथि 30 सितंबर से पूर्व पंजीयन कराकर योजनांतर्गत आदान सहायता राशि का लाभ ले सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृृषि विस्तार अधिकारी से सम्पर्क कर सकते हैं।