प्रदेश सरकार ने जांच दल 'नही बचाओ' दल का किया गठन –सुजीत कर्मा

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बचेली  -आपको बता दे के सिलगेर बीजापुर गोली कांड में ग्रामीणों के अनुसार 3 ग्रामीणों की गोली मार कर हत्या और उसी बीच भगदड़ में एक गर्भवती महिला की मृत्यु हुई है। और उसी घटना को पुलिस प्रशासन द्वारा नक्सलियों के साथ मुठभेड़ होने की बात बताया जा रहा है। देश के कई राज्यों के विधायकों सामाजिक संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने 14 दिन बाद इस विषय को लेकर 9 सदस्यो की जांच दल बनाई है । जबकि सिलगेर में ग्रामीणों का आंदोलन 20 दिनो से लगातार चल रहा।

अब छत्तीसगढ़ सरकार की नींद खुलने में इतने ज्यादा समय क्यों लगा ? ये सोचने वाली बात है । या ये कहा जाए इस विषय को अभी तक नजरअनदाज किया जा रहा था।खैर देर सवेरे भूपेश सरकार ने अपने 8 विधायको और एक संसद की जांच दल का गठन कर जांच के आदेश दिए है जिसकी अध्यक्षता बस्तर सांसद दीपक बैज करेंगे।

वही सरकार और जांच दल के सदस्यो पर सवाल खड़ा करते और तीखे प्रहार करते हुए जेसीसीजे अध्यक्ष सुजीत कर्मा ने इस जांच दल को सरकार का बचाव दल कहा है।आगे उन्होंने ये भी कहा के जो विधायक और जनप्रतिनिधि अपने समुदाय से संबंधित विषयों के लिए भी अपने मुख्यमंत्री के आदेश का इंतजार करते रहे वो क्या अपने समुदाय के होगे और क्या, सही जांच प्रस्तुत कर अपने समाज की आवाज बनेंगे।

अब देखना ये है क्या ये ग्रामीणों का आंदोलन ग्रामीणों के पक्ष में जाकर मृतिको को निर्दोष आदिवासी करार देगा या पुलिस प्रशासन द्वारा कहे गए बातो पर थप्पा लगा मृतकों को नक्सली साबित करेगा ।

रिपोर्ट- अमलेंदु चक्रवर्ती