महासमुंद जिले में  वैक्सीन जल्द बच्चों को भी दी जाएगी 

 | 
1
महासमुंद 3 जून : प्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के संक्रमण आने की आशंका के बीच, पहली बार अगले हफ्ते से पीसीवी यानी न्यूमोकोकल कंजुगेट वैक्सीनेशन की शुरूआत आगामी दिनों में जिले में भी की जाएगी। जिला टीकाकरण अधिकारी डाॅ. अरविन्द गुप्ता ने बताया कि दरअसल, न्यूमोकोकल बीमारी जिसे न्यूमोकोकस भी कहा जाता है, उसका संक्रमण भी नवजात बच्चों में सांस के रास्ते ही फैलता है। इसका एक डोज करीब 4 हजार रुपए का होता है। पहली बार सरकार इसे नवजात बच्चों को निःशुल्क लगाने जा रही है। ये टीका डेढ़ माह के बच्चों को लगाया जाएगा। दरअसल, इस वैक्सीन का पहला डोज डेढ़ माह यानी 6 हफ्ते के नवजात शिशुओं को लगाया जाता है। इसके 14 हफ्ते बाद दूसरा डोज और 9 महीने के बाद तीसरी डोज लगाया जाएगा।  
न्यूमोकोकल, कंजुगेट वैक्सीन जिले के स्वास्थ्य केन्द्रों में लगाया जाएगा। तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए सरकार इसे बच्चों के नियमित टीकाकरण में शामिल कर रही है। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. गुप्ता के मुताबिक कोरोना पॉजिटिव नवजात बच्चों में अक्सर पोस्ट कोविड बीमारियों जैसे निमोनियो आदि के लक्षण रहते हैं। ऐसे में यह टीका बच्चों को निमोनिया के गंभीर खतरों से बचाएगा। इसके लिए राज्य एवं जिला स्तर का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है तथा फील्ड स्तर पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 
फेफड़ों में आती है सूजन पानी भरने लगता है
डाॅ. गुप्ता ने बताया कि न्यूमोकोकल निमोनिया सांस के रास्ते से होने वाला एक संक्रमण है। इससे फेफड़े में सूजन आती है, पानी भी भरने लगता है। इससे नवजात शिशुओं में सांस लेने में तकलीफ भी हो सकती है। ऐसे में ऑक्सीजन की कमी भी हो सकती है। इस बीमारी के मुख्य लक्षणों में खांसी, पसलियों का चलना, सांस लेने में दिक्कत या सांस का तेज चलना भी हो सकता है। यह सारे लक्षण आमतौर से कोरोना संक्रमण में भी नजर आते हैं। इस निमोनिया का गंभीर संक्रमण जानलेवा माना जाता है।
टीका लगने से जानलेवा नहीं रहेगी बीमारी
पीसीवी वैक्सीन बच्चों को न्यूमोकोकल निमोनिया की वजह से होने वाली मौत से बचाव करेगा। दो साल तक के बच्चों में इस बीमारी का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। लेकिन सबसे अधिक खतरा ’एक साल से कम उम्र के बच्चों में होता है। इसलिए सी, टीकाकरण में नवजात बच्चों की इस उम्र पर खास फोकस किया गया है। न्यूमोकोकल निमोनिया फैलने वाला संक्रमण भी है, इसलिए इसके टीकाकरण से बीमारी के फैलाव को भी रोका जा सकेगा। ये बीमारी भी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में खांसने छींकने की वजह से फैलती है। यह आगामी दिनों में जिले के सभी सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में टीके लगायी जाएगी।