धान छोड़ करेंगे पपीता, अदरक, हल्दी की खेती
तो तीन वर्ष तक मिलेंगी प्रति एकड़ 10 हजार रूपये आदान सहायता राशि
 

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महासमुंद 10 जून फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करने कृषि आदान सहायता हेतु राजीव गांधी किसान न्याय योजना में महासमुन्द निवासी किसान संजय चन्द्राकर अब अपने खेत में धान के बदले पपीता, अदरक एवं हल्दी लगाने की तैयारी की है। इसके लिए उन्होंने खेत में नर्सरी भी बना ली है। जून के अंतिम सप्ताह में पौधा रोपण की तैयारी करेंगें। यह बात बुधवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा वर्चुअल कार्यक्रम में जिले के विकास एवं निर्माण कार्यो के लोकार्पण, भूमि-पूजन के मौके पर मुख्यमंत्री से बात करते हुए कहीं। मुख्यमंत्री बघेल के पूछने पर उन्होंने बताया कि उनके पास पचेड़ा में 6 एकड़ कृषि भूमि है। पिछले साल उन्होंने खेत में धान की फसल ली थी। लेकिन अब वें धान के बदले पपीता, अदरक एवं हल्दी की खेती करने की तैयारी कर ली है। इसमें मेहनत कम और आय ज्यादा है। इस कारण इस काम को अपनाया है।

मुख्यमंत्री बघेल उनके इस कार्य की प्रशंसा की और कहा कि धान के बदले कोदो-कुटकी करना, मक्का, सोयाबीन, दलहन-तिलहन के आलावा केला, पपीता आदि लगाता है, तो उन्हें प्रति एकड़ 10 हजार रूपए की आदान सहायता राशि तीन वर्षों तक दी जाएगी। कृषक चन्द्राकर ने कहा इसके लिए उन्हें उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से सतत् मार्गदर्शन प्राप्त होते रहता है। पूर्व में वे धान की पैदावार करते थें तो उन्हें अधिक लाभ प्राप्त नहीं हो पाता था। उद्यानिकी फसल लेने के उपरांत उन्हें अधिक मुनाफा होता है। वे अपने खेत में सिंचाई के लिए ट्यूबवेल सहित स्प्रिंकलर पाईप भी लगायें है। जिससे पानी का सही सदुपयोग होता है। उन्होंने किसानों के हित के लिए अनेक योजनाएं संचालित करने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का धन्यवाद व्यक्त किया है।